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मां हिंगलाज आवड़ करणी

हिये बसे हिंगलाज आफत आंधी आवतां , लाल री रखे लाज । आप बिना नी आसरो , हिये बसे हिंगलाज ।। टैम तोड़तो टांगड़ा , बैरी आय न बाज़ । बदन कर दे बज्र रो , हिये बसे हिंगलाज ।। डुंगर वाली डोकरी , तखत ना मांगु ताज । बिनती इती ज बाल री , हिये बसे हिंगलाज ।। मेहर करदे मावड़ी , आज सुणे आवाज़  । दुखड़ा मेटो दीप रा , हिये बसे हिंगलाज ।। गिरिवर वाली गौरजा , गिरती रोके गाज । दीपतो राख दीपड़ो , हिये बसे हिंगलाज ।। आसीस दिजै अम्बिका , क़दी न बिगड़े काज । नाक नमे दीप नितरो , हिये बसे हिंगलाज ।। हथ्थ सिर रखे बिसहथी , करे दीप कविराज। रचजे कविता रातदिन , हिये बसे हिंगलाज ।। असुर दलन तूं अवतरे , सदा चारण समाज। सातूं संग सहेलियाँ , हिये बसे हिंगलाज ।। सातूं देवी संगिनी , सोल सिणगार साज़ । भैरू ने ले भैलियां , हिये बसे हिंगलाज ।। नवदिन रम नवरातरा , नच नच करती नाज । सातूं संग सहेलियाँ , हिये बसे हिंगलाज ।। हाजर हेले होवजै , बैगीह सिंह बिराज । तरणी म्हारी तारजै , हिये बसे हिंगलाज ।। मुल्ला पढ़े निज मुल्क मा , नानी कहे नमाज़ । नद्य हिंगोल नहावता , हिये बसे हिंगलाज ।। रण म...

नवल जी जोसी

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आँखां चश्मो ओपतो , धवल नवल गुरु केश । जबर उकेरे जोशिजी , हरकत हृदय हमेश ।। हरकत हृदय हमेश , ठावता कविता ठावी । साचो दे संदेस ,  भटकत न पीढी भावी । मार धूड़ में लठ्ठ , लगा दे शब्द रै पाँखां । खोलदे ज्ञान पट्ट , आंधां रै आवै आंखां ।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण

मोदी अर पाक

मोदी (जे )मारे आंख , फाड़'र नक्सो सिन्ध रो । पाक (नै)सुपुद्रे खाक , करदे फौजी हिन्द रा ।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण जराइ न कर जेज , अरक बण जा आकरो । मोदी फौजां भेज , पापो काटण पाक रो ।। नम नम करसी नाज , बंदो हरेक हिन्द रो । मोदी मौको आज , पापो काटण पाक रो ।। झट्ट सिर दुष्टि रा दले , दशहरे तांइ दस्स  । कटि काठी कस्स , पापोह काट इण पाक रो ।। दीवाली सों पैल ,फट्टाका बम फोड़ दो । रच रणखेतां खेल , पापो  काटण पाकरो ।। बाथां धर बंदूक , फूलतरू झट काढनै । निसाणो न जा चूक , पापो कढतां पाक रो ।। छड छरा धाड़ धाड़ , बाथां धर बंदूकड़ी । बैरि कर ताड़ ताड़ , पापो काट इण पाक रो ।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण मोदी  मोटो  मारको , मारे   आंखां  मीच । नवाब सरीफ नाम को , रयो नीच को नीच ।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण कवि कविता भूल्चूकियो, राजन भूल्या राज। लैणां में सब आ लगे, गिराइ नरिये (मोदी) गाज।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण

गीगा भाई बारोठ कृत गीत सपाखरो

-:वीर रामवाळा नी प्रशस्ती नूँ सपाखरूँ गीत:- सॉधा त्रोड़ीया पॉजरा वाळा सॉकळे थी बाघ छुट्या ; बॉग बोली गॉमड़ा मॉ थीये हाकबाक जुटा सिंह काळ झाळ बछुटा पेनॉग जॉणे ; तूटा आसमॉण केता फूट्या जमीतॉक!!१!! झाळॉ फाळॉ तेगवाळॉ प्रळेकाळॉ वेर जाग्या; पा'ड़वाळॉ रंग्या गाळॉ रगताळॉ पूर; ! फौजाळॉ उढ़ैळॉ वाहे वादळॉ रा नोर फरै; पड़े ताळी बँधुकॉ री वाग्यॉ रणतूर!!२!! केंकाणॉ झणँकी पड़ी ठणँकी पाखरॉ कड़ी झणँकी झरदॉ खाख उठिया जोधार ! रणँकी सिँधवॉ राग हणँकी उठीया रोगा डणँकी मामले शुरॉ करे मारमार!!३!! हनुमँत धोमवा'ने लँका ढाळ्या जेम दाह्या ; वेरी हुँदा वाळा गाळा त्रौड़िया विशेक! धोळे दि'ऐ गॉमड़ा मॉ लुँटवॉ'ने पड़े धाड़ा ; मारी धमरौळी वाळा कर्या ऐकमेक!!४!! बँध कर्या खाळै खाळॉ न चाले सागरॉ बेट तेम रूँध्या केड़े केड़ा न चाले टपाल ! लाखुँ दळॉ भड़ॉवाळा करे नको कोई लाळी; मुखबा'थी मार्या कर्या देश'रा पेमाल!!५!! हाटड़ारी बँध बारी वैपारी तो बैठा हारी; खैड़वाड़ी सुकीवाड़ी पा'वा लाग्या खून ! बसाडारी लोकडारी उगरा'री नको बारी; सीधा वाट घाट हाट पड़...

अभषेक स्क्रेच

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Abhishek charan beh charanan ke skech pr 2 panktiya दोहा -सौरठा नाक नथ्थ सिर बोरियौ , लाली अधरां लाल । घूघट री आ ओट मा ,  रही पिया पथ भाल ।। पलकां बरसे मेह , हिवड़ो खावै हुचलका । नैनन छलकै नेह , भीज्यो पथ भरतार रो ।। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°दीप चारण

करणी स्तुति त्रोटक

त्रोटक छंद रो प्रथम प्रयास कर जोड़ करे सुत मां विनती । सँवली बण आ मम मां उड़ती ।। अब  तार  तुँही  सटके  तरणी । किय मेहर  मात  सदा  करणी ।। 1 नमतो जग माँ पकड़े पग मां  । बस माँ रग मा दिखजो दृग मां ।। अरि  दानव  मार  धरा  धरणी । किय   मेहर  मात  सदा  करणी ।। 2 चढि जांगल फौज भला भट ले । कमराण मुगल्ल चले दल ले ।। अरदास करेह बिकांण धणी । किय मेहर मात सदा करणी ।।  3 किय कोप मुगल्ल बिकाण परै । संग होय सहायक जैतसि रै ।। रथ रै जुत मात बणी सिँहणी । करि मेहर मात सदा करणी ।। 4 तुँ मलेछ मरोड़ दहाड़ दले । चपला जिम जैतलराज चले ।। रण तांडव राच रही रमती । कमरानन सेन भजे डरती ।। 5 अठपोर बटोर सुवर्ण  रहे । कविराज बिराज कथाह कहे ।। हदपार फँदा विपदा हरणी । किय मेहर मात सदा करणी ।। 6 °°°°°°°°°°°°°°दीप चारण

कविता सावण आया