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Aßhishek charan:

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dilnshin: Dilip Singh Charanहो गयी सरकार चरित्रहीन , अब तो ज...

dilnshin: Dilip Singh Charanहो गयी सरकार चरित्रहीन , अब तो ज... : Dilip Singh Charan हो गयी सरकार चरित्रहीन , अब तो जल बीन मीन तङपनी चाहिऐ । अतिश्योक्ति हो रही अत्याचारोँ की ,अब तो बदलनी चाहिऐ ।। कब ...
Dilip Singh Charan हो गयी सरकार चरित्रहीन , अब तो जल बीन मीन तङपनी चाहिऐ । अतिश्योक्ति हो रही अत्याचारोँ की ,अब तो बदलनी चाहिऐ ।। कब तक सुरक्षित रहोगेँ इसकी आङ मेँ , हो गयी ये छत जर्जर अब तो गिरानी चाहिऐ । दम घुट रहा हैँ बीन हवा केँ , अब तो आँधी उठनी चाहिऐँ ।। बहुत एकत्रित हो गया यहाँ कचरा , अब इस उकुङे को जला देना चाहिऐ । जहाँ जहाँ आग होगी वहाँ धुआ उठेगा समझे दिप , इससे मच्छर मरने चाहिऐँ ।। दिप चारण

कागज की कस्ति और बचपन के सावन , के लिए दौलत शोहरत जवानी लुटाने कि भावनाऐँ रखने को कहने वाले महान लोकप्रिय गजल सम्राट जगजीत सिँह आज हमारे लिए ढेर सारी यादगार गजलेँ छोङकर चलेँ गयेँ ।

dilnshin: Dilip Singh Charanमोहब्बत इक आग का दरिया हैँ ...हम...

dilnshin: Dilip Singh Charanमोहब्बत इक आग का दरिया हैँ ...हम... : Dilip Singh Charan मोहब्बत इक आग का दरिया हैँ ...हम तो खुद को जला बैठे इसे पानेँ मेँ । वो इक शमां थी इस पंतगेँ को मिटानेँ मेँ .... अब ...

dilnshin: kavita ऐ नादान मनुष्य न कर प्रक्रति से खिलवाङ , (p...

dilnshin: kavita ऐ नादान मनुष्य न कर प्रक्रति से खिलवाङ , (p... : Dilip Singh Charan ऐ नादान मनुष्य न कर प्रक्रति से खिलवाङ , प्रक्रति रुष्ठ हो जायेगी । प्रक्रति ने जब किया खिलवाङ , ये दुनिया अफसाना ब...